कोरोना का होली पर असर: पुष्कर में नहीं होगी कपड़ा फाड़ होली; नई गाइड लाइन रोकेगी भीड़, सादगी से मनानी पडे़गी होली

कोरोना का होली पर असर: पुष्कर में नहीं होगी कपड़ा फाड़ होली; नई गाइड लाइन रोकेगी भीड़, सादगी से मनानी पडे़गी होली

तीर्थ नगरी पुष्कर में इस बार होली का माहौल अन्य सालों की तरह नजर नहीं आएगा। कोरोना गाइड लाइन के कारण बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में भी कमी रहने के आसार हैं। इस साल भी कपड़ा फाड़ होली नहीं होगी। उपखंड प्रशासन ने गाइड लाइन के मुताबिक होली मनाने की अपील की है।

काेरोना संक्रमण को देखते हुए अजमेर सहित जिले भर में धारा 144 लागू है और ऐसे में भीड़ भाड़ पर पाबंदी है। साथ ही नई गाइड लाइन के मुताबिक, किसी भी समारोह में 200 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकते। बाहर से आने वालों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है और ऐसे में लोगों की संख्या ज्यादा नहीं होगी।

पुष्कर में होली का नजारा-फाइल फोटो
पुष्कर में होली का नजारा-फाइल फोटो

पुष्कर उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि कपड़ा फाड़ होली का आयोजन पिछले साल भी नहीं हुआ और इस बार भी नहीं होगा। साथ ही होली का त्योहार काेरोना गाइड लाइन के मुताबिक ही लोगों को मनाना पडे़गा। रंग गुलाल लगाएं, होली मनाएं, लेकिन निर्धारित संख्या से ज्यादा एकट्‌ठा नहीं हो। इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।

पुष्कर में पिछले साल सतरंगी होली का नजारा-फाइल फोटो
पुष्कर में पिछले साल सतरंगी होली का नजारा-फाइल फोटो

जमकर मचता था धमाल, फाड़ते थे एक दूसरे के कपडे़

तीर्थनगरी पुष्कर की कपड़ा फाड़ होली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी थी और होली पर यहां जमकर धमाल मचता था। नगरवासियों के साथ देश के विभिन्न नगरों व महानगरों से आए युवक-युवतियों सहित विदेशी मेहमान दिल खोल कर होली खेलते थे। मुख्य बाजार की सड़कें होली के रंग में डूबे देशी-विदेशी युवक-युवतियों से अट जाती थी। होली का मुख्य केंद्र वराह घाट चौक रहता था। चौक में जैसे-जैसे दिन चढ़ता जाता लोगों में जोश बढ़ता रहता था। डीजे पर गूंजते हिंदी एवं पाश्चात्य संगीत की धुनों पर जहां होली के रंग में रंगे देशी के साथ विदेशी झूमते रहते, वहीं देशी-विदेशी युवकों में एक-दूसरे के कपड़े फाड़ने की होड़ मचती।

पुष्कर में कपड़ा फाड़ होली का नजारा-फाइल फोटो
पुष्कर में कपड़ा फाड़ होली का नजारा-फाइल फोटो

गत वर्ष जिला पुलिस ने लगा दी रोक

कोरोना संक्रमण के पहले ही गत वर्ष जिला पुलिस ने कपड़ा फाड़ होली पर रोक लगा दी। तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने कहा कि होली खेलने के नाम पर कपड़े फाड़ना कानून के साथ-साथ भारतीय संस्कृति व पुष्कर तीर्थ की मर्यादा के खिलाफ है। इसे किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी।

होली के आयोजकों को स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी व्यक्ति किसी के भी कपड़े नहीं फाड़े। इसके लिए उन्होंने आयोजकों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए पाबंद किया। आयोजकों को प्रतिबंध के बावजूद होली के दौरान कपड़े फाड़े जाने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इस पर होली पूरी तरह से कानून व तीर्थ की मर्यादा में रहकर गुलाल व गुलाब के फूलों से खेली गई।