26 साल पहले आतंकियों की सूचना देने वाले दूध वाले के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट

26 साल पहले आतंकियों की सूचना देने वाले दूध वाले के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट

शहर में 26 साल पहले चर्चित राजेंद्र मिर्धा अपहरण कांड के मुख्य गवाह और सूझबूझ दिखाते हुए आतंकियों के बारे में सूचना देने वाले दूध विक्रेता हनुमान बागड़ा के घर बदमाश घुस गए। जिन्होंने घर में सो रहे हनुमान और उनके परिवार को बंधक बनाकर कीमती सामान लूटा और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर रामनगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हनुमान की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश की जा रही है।

यह है लूट का मामला: कूलर में नशीला पाउडर डालकर अचेत किया

आपको बता दें कि जगतपुरा में इंदिरा गांधी नगर निवासी हनुमान बागड़ा दूध के यहां वारदात बुधवार आधी रात को हुई। वह बुधवार रात को परिवार के साथ अलग अलग कमरों में सो रहा था। पीडि़त के मुताबिक रात करीब साढ़े 12 बजे बदमाश उनके घर में घुस गए। वे अपने साथी कोई नशीला पाउडर लेकर आए थे। उनकी बेटी व बहू जिस कमरे में सो रही थी। उस कमरे के बाहर लगे कूलर में पाउडर डाल दिया।

इससे वे अचेत हो गई। उन्होंने इस कमरे के दरवाजे पर लगी कुंदी भी बाहर से बंद कर दी। इसी तरह, तीन बदमाशों ने हनुमान बागड़ा को चारपाई पर सोते हुए बांध दिया। हनुमान के मुताबिक उनका बेटा नजदीक स्थित दूसरे घर में भैंसों की रखवाली करने के लिए सो रहा था। देर रात करीब पौने तीन बजे किसी तरह हनुमान ने पलंग पर बंधी रस्सी खोली। फिर बेटे को सूचना देकर पुलिस को बुलाया।

तब रामनगरिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार पीड़ित परिवार ने बताया कि लुटेरे घर से कीमती सामान व एक टीवी लेकर भागे है। मौके पर एफएसएल और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों को लुटेरों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के बुलाया था। एक टीवी ले जाने और दूसरा छोड़ जाने पर की भी जांच की जा रही है।

आतंकियों से बचाव के लिए दी गई पुलिस सुरक्षा चार वर्ष पहले हटा ली गई थी

वर्ष 1995 में चर्चित राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड के वक्त आतंकियों की सूचना देने पर दूधिया हनुमान बागड़ा चर्चाओं में आया था। उसकी सूचना पर पुलिस ने राजेंद्र मिर्धा को आतंकियों के कब्जे से मुक्त करवाया था। इस वारदात में मुख्य गवाह हनुमान बागड़ा था। हनुमान ने बताया कि पांच साल पहले उसके घर के बाहर लगे चार पुलिसकर्मी और एक गनमैन को हटा लिया गया था। इसके एक साल बाद उसके साथ रहने वाले गनमैन को भी हटा लिया गया। कुछ वर्ष पहले हनुमान द्वारा फायरिंग का मामला भी हुआ था।