5 साल पहले एक हजार लड़कों पर 941 का हो रहा था जन्म, अब 845 ही पैदा हो रहीं
पहले से लड़कियों की कमी से जूझ रहे हमारे जिले में लिंगानुपात घट गया है। यह चिंता जनक तथ्य हाल ही जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 में सामने आया है। जिसकी रिपोर्ट के अनुसार भरतपुर में पहले जन्म के समय 1 हजार बेटों पर 59 बेटियां कम पैदा होती थी, अब पिछले पांच सालों में 155 बेटियां कम होने लगी हैं।
पिछले सर्वे में 1 हजार बालकों पर 941 बालिकाओं का जन्म होना सामने आया था, जो अब घटकर 845 ही रह गया। हालांकि पूरी जनसंख्या पर लिंगानुपात 970 पर स्थिर है। यह सर्वे 2019 से 2021 के बीच हुआ। पिछला सर्वे 2015-16 में हुआ था। यह सर्वे भरतपुर जिले के 950 घरों में किया गया था। 1225 महिलाओं और 168 पुरुषों को शामिल किया गया।
फैमिली हेल्थ सर्वे... 84.8 फीसदी परिवारों ने करा रखा है स्वास्थ्य बीमा, घर पर जन्म 1 फीसदी
सर्वे में यह सामने आया कि 2015-16 में सिर्फ 13.2 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य बीमा से जुड़े हुए थे, अब आंकड़ा 84.8 प्रतिशत पहुंच चुका है। पांच साल पहले 15 से 24 साल की 50.0 प्रतिशत महिलाएं ही पीरियड के दौरान सुरक्षा के स्वच्छ तरीकों का उपयोग करती थी अब 77.7 प्रतिशत महिलाएं जागरूक है।
महिला नसबंदी 31.3 प्रतिशत थी अब 35.9 प्रतिशत हो गई है। पहली तिमाही में 44.7 प्रतिशत माताएं प्रसव पूर्व जांच करवाती थी अब 55.4 प्रतिशत जांच करवाती है। टिटनेस का टीका भी 83.8 प्रतिशत माताएं ही लगाती थी अब 86.9 प्रतिशत लगाती है। संस्थागत प्रसव भी 79.4 प्रतिशत से बढ़कर 92.1 प्रतिशत हो गया।
शिक्षा और सुविधा : स्कूल जाने वाली बालिकाएं बढ़ी
सर्वे में यह सामने आया कि जिले में 2015-16 में 6 साल से ज्यादा उम्र की 56.3 फीसदी महिलाएं स्कूल जा चुकी थी, यह आंकड़ा बढ़ कर 62.4 प्रतिशत हो गया है। यानि साफ है पांच साल में स्कूल जाने वाली बालिकाओं की संख्या बढ़ी है। इसी प्रकार 10 या अधिक वर्षों की स्कूली शिक्षा वाली महिलाएं 22 फीसदी थी जो अब 30.3 प्रतिशत हो गई।
15 से 49 साल की 61.1 फीसदी महिलाएं साक्षर हैं। स्कूल वर्ष 2019-20 के दौरान 5 वर्ष की आयु के 12.2 प्रतिशत बच्चे प्री-प्राइमरी स्कूल गए। इसी प्रकार 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का जन्म पंजीकरण 52.2 से बढ़कर अब 79.4 प्रतिशत हो गया। इसी प्रकार 67.7 प्रतिशत मृत्यु पंजीकरण हुआ।
अब चिंता...कम होता स्तनपान, बच्चों में बढ़ता मोटापा
इस सर्वे में जिलेवासियों के लिए चिंता की बात यह है कि 6 माह तक के केवल स्तनपान करने वाले बच्चों का प्रतिशत 55.3 से घटकर 48.2 फीसदी रह गया है। हमारे बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है। पहले 5 साल तक सिर्फ 2.8 प्रतिशत बच्चों में ही मोटापा था, लेकिन अब 5.1 प्रतिशत में मोटापा बढ़ गया है।
15 साल से अधिक उम्र की 6.7 फीसदी महिलाओं में मधुमेह रोग पाया गया। पुरुषों में 7.7 फीसदी में मधुमेह मिला। 15 साल से अधिक उम्र की 10.5 प्रतिशत महिलाएं और 47.5 प्रतिशत पुरूष तंबाकू सेवन करते हैं। 15 साल से अधिक उम्र की 0.2 प्रतिशत महिलाएं और 13.5 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं। महिलाओं में 19.1 प्रतिशत और पुरुषों में 23.6 प्रतिशत हाइपरटेंशन है।


