कोरोनाकाल में सांसों और रोजगार की 2 खबरें: होंडा फोरव्हीलर में हर दिन 550 कारें, 4500 दुपहिया वाहनों का उत्पादन वहीं ऑक्सीजन नहीं मिलने से 150 कंपनियों ने लिया शट डाउन, 5000 मजदूर बेरोजगार

कोरोनाकाल में सांसों और रोजगार की 2 खबरें: होंडा फोरव्हीलर में हर दिन 550 कारें, 4500 दुपहिया वाहनों का उत्पादन वहीं ऑक्सीजन नहीं मिलने से 150 कंपनियों ने लिया शट डाउन, 5000 मजदूर बेरोजगार

कोरोना की लहर के बीच भिवाड़ी के उद्योगों से जुड़ी अच्छी और बुरी... दोनों तरह की खबरें सामने आई हैं। अच्छी खबर यह है कि खुश्खेड़ा स्थित होंडा फोरव्हीलर के प्लांट में प्रतिदिन 550 कारें बनने लगी हैं, जो पिछले दिनों की तुलना में 100 अधिक है। कंपनी का मानना है कि कुछ ही दिनों में यह संख्या 660 तक पहुंच जाएगी।

कोरोना काल में अपने वाहनों के प्रति लोगों की रुचि ने इसे जरुरत में बदल दिया। वहीं दूसरी ओर होंडा टू व्हीलर प्लांट अपनी पहले ही स्पीड प्रतिदिन 4500 गाड़ियों के उत्पादन पर चल रहा है। दोनों ही कंपनियों में करीब 12 हजार मजदूर काम कर रहे हैं। कंपनी दो शिफ्टों में चल रही है। इसका लाभ सीधा ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी करीब 500 कंपनियां पर पड़ा है। भिवाड़ी ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 50 हजार मजदूर काम कर रहे हैं।

सभी कंपनियों ने अपना उत्पादन बढ़ने मजदूरों की मांग भी बढ़ी है। श्रीराम पिस्टन कंपनी में फिलहाल 3000 मजदूर काम कर रहे हैं। लेकिन काम की बढ़ी मांग के बाद अब अधिक मजदूरों की जरुरत आ पड़ी है। मित्तल फोरजिंग का है। कंपनी के महाप्रबंधक ब्रजमोहन मित्तल के अनुसार पहले कंपनी में 150 लोग काम करते थे। लेकिन अब ऑटोमोबाइल सेक्टर में आई तेजी से मजदूरों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

ऑक्सीजन नहीं मिलने से 150 कंपनियों ने लिया शट डाउन, 5000 मजदूर बेरोजगार

गायत्री फर्टिप्लान्ट में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद होने के कारण कामकाज ठप हो गया है।
गायत्री फर्टिप्लान्ट में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद होने के कारण कामकाज ठप हो गया है।

केंद्र सरकार की ओर से फैक्ट्रियों में दी जाने वाली ऑक्सीजन गैस की सप्लाई रोकने से भिवाड़ी की करीब 150 कंपनियों में अचानक शट डाउन हो गया है। काम नहीं होने से इनमें काम कर रहे करीब 5000 मजदूरों के सामने संकट बन आया है। हालांकि उद्यमी मजदूरों को पूरी तनख्वाह देने का विश्वास दिला रहे हैं।

भिवाड़ी स्थित आइनोक्स गैस प्लांट से प्रतिदिन करीब 50 किलोलीटर गैस भिवाड़ी की कंपनियों में काम आती थी। इनमें भी सर्वाधिक काम स्टील प्लांट में होता है। पार्वती मैटल के महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 125 कंपनियां सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। फेब्रिकेशन से जुड़ी कंपनियों में लोहे को मोड़ने से लेकर नई शेप बनाने में ऑक्सीजन काम आती है। लेकिन इसकी पूर्ति नहीं होने से काम लगभग बंद हो चुका है।

इससे करीब 125 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं श्रीश्याम कृपा स्टील प्लांट के संचालक अमित नाहटा के अनुसार भिवाड़ी में करीब 22 कंपनियों में सीधा-सीधा 61 करोड़ रुपए का नुकसान है। रोलिंग मिल हो या फर्नेस कंपनी पूरी तरह ऑक्सीजन पर ही निर्भर है। पिछले साल भी विपदा के समय हमारे मजदूर हमारे साथ ही थे। इस बार भी हम इनका पूरा ध्यान रख रहे हैं। यह संकट थोड़े दिनों में चला जाएगा।