फर्जी एसडीएम बनकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था, गिरफ्तार
जिले की सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने तीन साल से फर्जी एसडीएम बनकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी के आरोपी का गिरफ्तार किया है। अपने लच्छेदार बाताें और रौब झाड़ने के लिए लग्जरी वाहन लेकर लोगों को अपने झांसे फंसाने के लिए उनसे मिलता था। आरोपी आनंदपुरी थाना क्षेत्र में नाहरपुरा ग्राम पंचायत के गमीरपुरा हमीरा गांव का लाल बहादुर पिता सवजी डामोर है।
लाल बहादुर सज्जनगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ जब 4 फरवरी को सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के टोडी कालु निवासी राजमल पिता छगनलाल गरासिया ने सज्जनगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रार्थी राजमल ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी लाल बहादुर पिता सवजी डामोर स्वयं को टीआईआई (समाज कल्याण विभाग) में अधिकारी तथा कभी स्वयं को एसडीएम बताता है और निजी प्रभाव से सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर कई किश्तों में करीब 5 लाख रुपए ले लिए।
जब नौकरी नहीं लगी तो लाल बहादुर को दिए गए रुपए वापस मांगने पर उसने रुपए लौटाने से इंकार कर दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर सज्जनगढ़ थाना पुलिस केस दर्ज कर आरोपी लाल बहादुर को गिरफ्तार को न्यायालय में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले 3 साल से थाना सज्जनगढ़ और आसपास के क्षेत्र में पढ़े लिखे बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ ठगी का ही एक अन्य प्रकरण भी दर्ज है।
उक्त प्रकरण में भी अनुसंधान जारी है। पूछताछ और भी खुलासे संभावना है। आरोपी से पूछताछ में सामने आया है कि उदयपुर और मारवाड़ क्षेत्र से उसके गिरोह में कुछ लोग शामिल हैं जिनकी धरपकड़ के लिए टीमें भेजी जा रही है।


