मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना:33 जिलों की 132 बालिकाओं का होगा चयन
अनाथ और बीपीएल परिवार की मेधावी बेटियों के लिए अच्छी खबर है। अब सरकार उनके पढ़ाने की व्यवस्था करेगी। यह सब मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना के तहत होगा। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों के स्तर को ऊपर उठाना है। इससे अब अनाथ बेटियों का शिक्षा का सपना साकार हो सकेगा।
पारिवारिक परिस्थितियों के आडे़ आने से बहुत सी लड़कियां पैसों की कमी के कारण शिक्षा हासिल नहीं कर पाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ऐसी मेधावी बालिकाओं के शिक्षा स्तर ऊपर उठाया जाएगा ताकि राजस्थान की लड़कियां आगे बढ़ सकें। चयनित बेटियां खेलकूद, इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं तो सरकार उसे अलग से वित्तीय सहायता प्रदान भी करेगी।
योजना के तहत मेधावी छात्राओं का चयन किया जाएगा। उन्हें फ्री शिक्षा का लाभ दिया जाएगा। राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सैकंडरी परीक्षा में प्रत्येक जिले से दो मेधावी छात्राओं का चयन कर निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही थीं।
इस योजना के तहत अब परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र तीन छात्राओं को सूची में शामिल किया जाएगा, जिसमें दो सर्वोच्च अंक एवं एक बीपीएल परिवार की सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा का भी चयन होगा। साथ ही एक जिले में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली अनाथ परिवार की बेटी का भी चयन होगा।
मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना में बेटियां ऐसे होंगी लाभान्वित
1. राज्य के सभी जिलों में 10वीं कक्षा में पहले स्थान पर आने वाली तीन लड़कियों को 2.25 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
2. सरकार 11वीं व 12वीं कक्षा में पढऩे वाली लड़कियों 15 हजार रुपए और उच्च शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए की वित्तीय सहायता देगी।
3. गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली तीन लड़कियों को वित्तीय सहायता का लाभ
4. योजना के तहत प्रति छात्रा अधिकतम 1 लाख रुपए तक प्रतिवर्ष व्यय किया जाएगा। छात्रा को किताबें, स्टेशनरी, यूनीफार्म आदि के लिए 25 हजार रुपए वार्षिक प्रदान किए जाएंगे।
योजना का उद्देश्य बेटियां हों समृद्ध
पिछडे़ एवं अल्प आय वाली होनहार बालिका आर्थिक समस्याओं के कारण उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढकर अपने सपने साकार करने में असमर्थ है और अन्य प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए बेटियों को समृद्ध बनाने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है।


