नहीं मिल रही पूरी नफरी, कैसे रुकेंगे अपराध 3 सब इंस्पेक्टरों की स्वीकृति, लेकिन एक भी पदस्थ नहीं, 51 के जाब्ते में 25 ही तैनात
राज्य में अपराध को रोकने के लिए सरकार थानों और चौकियों की संख्या तो बढ़ा रही है, लेकिन इनके लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों गांवों और शहरी क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के साथ घटना क्राइम कंट्रोल करने की जिम्मेदारी लिए बैठा शहर कोतवाली थाना नफरी की कमी से जूझ रहा है।
थाना क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है और इसी अनुपात में अपराध भी बढ़ रहे हैं। शहर के कोतवाली पुलिस थाने में थानाधिकारी सहित 51 स्वीकृत पदों में से महज 25 कर्मचारी ही तैनात हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा, लूट, चोरी, डकैती, लड़ाई, झगड़ा और सभी तरह का क्राइम कंट्रोल करना थाने में तैनात चंद पुलिसकर्मियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
फिलहाल थाने में कांस्टेबल के 10 पद खाली हैं। ऐसे में एक कांस्टेबल हमेशा पहरे पर रहता है। कुछ कांस्टेबल घटना दुर्घटना और परिवादों की जांच करने के लिए अपनी बीट में चले जाते हैं। जिसके चलते थाने के जरूरी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि पुलिस महकमें के उच्च अधिकारी भी नफरी की कमी से पूरी तरह वाकिफ है, मगर बावजूद इसके पुलिस थाने में स्टाफ नहीं बढ़ाया जा रहा। जिससे क्राइम अनकंट्रोल हो रहा है।
शहर कोतवाली थाना की ये है स्थिति
स्वीकृत पद : पुलिस निरीक्षक - 1, एसआई - 3, एएसआई- 10, हैड कांस्टेबल - 6, कांस्टेबल - 25, महिला कांस्टेबल - 4, चालक - 2
मौजूद स्टॉफ : पुलिस निरीक्षक - 1, एसआई - कोई नहीं, एएसआई - 3, हैड कांस्टेबल - 3, कांस्टेबल - 15, महिला कांस्टेबल - 1, चालक - 2
4 महिला आरक्षकों में से महज एक ही तैनात
शहर कोतवाली थाना पुलिस पर संपूर्ण शहरी आबादी के साथ क्षेत्र की ग्राम पंचायत बहज, इकलरा, बद्रीपुर, दिदावली और उनके दर्जनों गांवों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का जिम्मा है। ऐसे में सुविधा एवं संसाधनों का अभाव क्षेत्र में घटना और दुर्घटनाओं के समय खासा खटकता है। इलाके में नाकाबंदी से लेकर अपराधियों की धरपकड़ में असुविधाओं की कमी पुलिस को खलती है। थाने में 4 महिला आरक्षकों में से एक ही महिला आरक्षक है।
यूपी की सीमाओं से सटा है थाना
शहर कोतवाली थाना उत्तर प्रदेश की सीमाओं से घिरा हुआ है। ऐसे में अपराधी राजस्थान सीमा में अपराध कर उत्तर प्रदेश में सुरक्षित निकल जाता है। पिछले कुछ दिनों में ही चोरी और अज्ञात जले शव की बड़ी घटना होना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसलिए यहां पर्याप्त जाब्ता जरूरी है।
Satveer Choudhary 

