बृज विवि की बड़ी पहल डिग्रियां, मार्कशीट और लाइब्रेरी हाेगी डिजिटल, 1.70 लाख स्टूडे्टस काे फायदा, प्रदेश में सबसे पहले हमारे यहां शुरुआत

बृज विवि की बड़ी पहल डिग्रियां, मार्कशीट और लाइब्रेरी हाेगी डिजिटल, 1.70 लाख स्टूडे्टस काे फायदा, प्रदेश में सबसे पहले हमारे यहां शुरुआत

भरतपुर/धाैलपुर के 1.70 लाख स्टूडेंट्स कहीं से भी अपनी अंकतालिका डाउनलाेड कर सकेंगे। साथ ही अब महंगी किताबें खरीदने की जरूरत नहीं रहेगी। महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय ने लाइब्रेरी को डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा डिग्री और मार्कशीट काे भी डिजिटल किया जाएगा। कुलपति प्राे. आरकेएस धाकरे का दावा है कि इस तरह की शुरुआत प्रदेश में सबसे पहले बृज विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही है। यह केंद्र सरकार की नेशनल एकेडमिक डिपाेजिटरी के तहत किया जा रहा है।

वर्ष 2022 की सभी मार्कशीट और डिग्रियाें नए फार्मेट में तैयार हाेगी। इंटरनल क्वालिटी अस्समेंट सैल ने काम प्रारंभ कर दिया है। 20 लाख रुपए का फंड रखा गया है। काम 6 महीने में पूरा हाेने की उम्मीद है। इसके लिए वेबसाइट बनेगी जिस पर कोई भी स्टूडेंट्स इन किताबों को ऑनलाइन पढ़ सकेगा। डिजिटल लाइब्रेरी में प्रतियोगिता की तैयारियों के साथ-साथ ऐतिहासिक पुस्तकों को भी अपलोड किया जाएगा। डिजिटल लाइब्रेरी में नेत्रहीनों के लिए कंप्यूटर लगाए जाएंगे।

20 लाख रुपए का फंड बनाया, 6 महीने में काम पूरा होगा

1.60 लाख डॉक्यूमेंटस और 3 हजार किताबें : बृज विवि की शुरुआत 2015 में हुई और 2016 से परीक्षाएं कराई जा रही है। अब तक 1.60 लाख डााॅक्यूमेंट्स तैयार हाे चुके हैं। सभी काे डिजिटल किया जाएगा। बृवि के लाइब्रेरी में 3 हजार किताबें हैं। इसे भी ई लाइब्रेरी में चेंज किया जाएगा। डाेक्यूमेंट्स अगले दाे महीने में तथा लायब्रेरी 6 महीने में डिजिटल हाे जाएगी।

परीक्षा परिणाम में अनियमितता की कमेटी ने की जांच, बयान दर्ज
महाराजा सूजमल बृज विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच प्रारंभ हाे गई है। तीन सदस्यीय कमेटी ने रविवार काे अाराेप लगाने वाले छात्र नेताओं के बयान लिए। उन्हाेंने दस्तावेज तथा ऑडियाे क्लिप जमा कराए है। वहीं कमेटी ने आराेपित लाेगाें का भी पक्ष लिया।

साथ ही परीक्षा से जुडे़ कार्मिकाें सहित पूर्व परीक्षा नियंत्रक डाॅ. एके पांडे और माैजूदा परीक्षा नियंत्रक डाॅ. फरवटसिंह काे बुलाया। जांच कमेटी अगले पांच दिन में रिपाेर्ट कुलपति काे साैंपेगी। जांच कमेटी में सेवानिवृत आरएएस ब्रजेश मंगल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक डाॅ. एस त्रिगुणायत और आरयू के डाॅ. आरएस मदनावत काे शामिल किया गया है।

प्राथमिक तैयारी हो चुकी है : धाकरे
कुलाधिपति/राज्यपाल के सलाहकार मंडल की बैठक में डाेक्यूमेंट्स और बुक्स के डिजिटलाइजेशन करना तय हुआ है। इसमें सबसे पहले हम/बृज विश्वविद्यालय शुरुआत कर रहा है। प्राथमिक तैयारी हाे चुकी है। एक्सपर्ट/कंसलटेंट से मशविरा हाे गया है। प्राथमिक रूप से 20 लाख रुपए का फंड रखा गया है। अगले 2 महीने में डाेक्यूमेंट्स और 6 महीने में लायब्रेरी काे डिजिटल कर देंगे। -प्राे. आरकेएस धाकरे, कुलपति, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय