गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़ा पर एक्शन अमेरिका सिंह कमेटी के तीन सदस्यों पर सस्पेंशन की कार्रवाई, गलत रिपोर्ट देने, सदस्यता के दुरुपयोग का दोषी माना

गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़ा पर एक्शन अमेरिका सिंह कमेटी के तीन सदस्यों पर सस्पेंशन की कार्रवाई, गलत रिपोर्ट देने, सदस्यता के दुरुपयोग का दोषी माना

सीकर की गुरुकुल यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद के मामले में सरकार ने प्रोफेसर अमेरिका सिंह कमेटी के तीन सदस्यों पर कार्रवाई की है। मामले में जांच के लिए 25 मार्च को जयपुर के संभागीय आयुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। चार मेंबरी इस कमेटी की जांच में प्रोफेसर अमेरिका सिंह कमेटी के सदस्य प्रोफेसर जीएस राठौड़, प्रोफेसर जयंत सिंह और प्रोफेसर विजय बेनीवाल को दोषी पाया गया। तीनों को सरकार ने कमेटी की सदस्यता का दुरुपयोग करने का दोषी माना है।

ऐसे में लॉ कॉलेज अलवर के प्रोफेसर विजय बेनीवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरी ओर सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जीएस राठौड़ और राजस्थान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जयंत सिंह को सस्पेंड करने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी और सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति को आदेश जारी किए हैं।

साथ ही इनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा गया है। सरकार ने कमेटी के सदस्यों को गलत तथ्यों को बिना जांच के प्रमाणित करने, बिना पूरी अनुपालना के गलत अनुशंसा करने, अपने उत्तरदायित्वों में घोर लापरवाही और गलत तथ्यों को स्थापित करने का दोषी पाया।

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह।
सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह।

अमेरिका सिंह दो बार बुलाने पर भी नहीं गए

मामले में कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर अमेरिका सिंह पर भर संगीन आरोप हैं। उन्हें जांच कमेटी ने दो बार बुलाया भी मगर वे कमेटी के सामने पेश नहीं हुए। कमेटी की ओर से दूसरा नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अपना जवाब लिखित में भेज दिया। ऐसे में अब सरकार की ओर से तीन सदस्यों को सस्पेंड करने के बाद यह चर्चा तेज है कि प्रोफेसर अमेरिका सिंह के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई है? अगर कार्रवाई होगी तो कब और क्या होगी?