भरतपुर को मिल सकती है नई तहसील और कॉलेज:पिछली बार 56 घोषणाओं में से 12 अब भी अधूरी, पला में एयर स्ट्रीप की मांग
प्रदेश का बजट आज आने वाला है जिसमें भरतपुर के लिए करीब 80 घोषणाएं हो सकती हैं। इस बजट सबसे ज्यादा आस किसानों को है। इस साल किसान ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश की वजह से पहले ही नुकसान में है। भरतपुर के विधायकों ने जिले की जरुरत की हिसाब से डिमांड भेजी हुई है। इसमें सबसे बड़ी मांग है भरतपुर को NCR से बाहर कर स्मार्ट सिटी बनाया जाए।
इस बार भरतपुर जिले की मुख्य मांग
भरतपुर
भरतपुर को NCR से हटाकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाए, शहर के हीरादास बस स्टैंड के पास सैटेलाइट अस्पताल के लिए नई बिल्डिंग बने। आरबीएम अस्पताल में कार्डियक कैथ लैब बने, लक्ष्मण मंदिर का जीर्णोद्धार हो बांधों की मरम्मत हो।
डीग कुम्हेर
नया कुम्हेर बाईपास बने, तालाब और मां चामुंडा देवी के मंदिर का जीर्णोद्धार हो, पला हवाई पट्टी और बांधों की मरम्मत हो, डीग के जलमहल और पूछरी के लौठा का विकास हो।
कामां
कामां क्षेत्र के मंदिरों का जीर्णोद्धार हो, गोवर्धन और कामां को जोड़ने वाली रोड का विकास, गुड़गांव कैनाल का पहाड़ी और सीकरी एक्स्टेंशन हो, कृषि कॉलेज बने, बस डिपो का विकास, रीको क्षेत्र का विकास, कामां, पहाड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज बने, जुरहरा तहसील और गोपालगढ़ उप तहसील बने।
वैर
सफ़ेद महल और क्षेत्रीय बांधों का जीर्णोद्धार, भुसावर में हाॅर्टिकल्चर पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना होनी चाहिए।
नगर
अल्पसंख्यक और सीकरी में सामान्य आवासीय बालिका विद्यालय बने, सीकरी में जीएसएस कॉलेज, सीवरेज एसजेएम कोर्ट, जालूकी उप तहसील बने।
नदबई
भदीरा रायसीस बांध की मरम्मत हो, बस स्टैंड बने, उच्चैन में 132 केवी जीएसएस की मंजूरी मिले।
बयाना
झील का बाड़ा मंदिर का विकास, राणा सांगा स्मारक का जीर्णोद्धार, बांधों की मरम्मत, बंध बैरेठा पर्यटन स्थल बने, चैकोरा में स्टोन पार्क बने, बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम बने, बयाना, रूपवास में ट्रॉमा सेंटर बने, चंबल का पानी बंध बैरेठा बांध तक आए।
पिछले बजट में जिले के लिए हुई थी 56 घोषणाएं
पिछले बजट में जिले के लिए 56 घोषणाएं हुई थी। जिसमें से 12 ऐसी घोषणाएं हैं जिनका काम अभी तक पूरा नहीं हो सका। जिसमें ईस्टर्न राजस्थान कैनाल का काम अभी तक अधूरा है,भरतपुर शहर में ड्रेनेज सिस्टम का काम अभी अधूरा है, भरतपुर, रूपवास और नगर में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की घोषणा की गई थी लेकिन वह भी अभी तक अधूरी है।
satveer 

