सफाई पर हर माह 2.30 लाख रुपए खर्च, फिर भी आरबीएम से फैल रहा कोरोना
भरतपुर: जिले में कोरोना संक्रमण से अब तक 70 लोग जान गंवा चुके हैं और साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोग अब तक पॉजीटिव हो चुके हैं। इससे बचाव के लिए जिला प्रशासन जिलेभर में जन जागरूकता अभियान चला रहा है। लेकिन, संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल आरबीएम ही संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा जरिया बन सकता है। दरअसल, पीपीई किट, मास्क औऱ अन्य संक्रमित बायो वेस्ट कचरा अस्पताल परिसर में जहां-तहां फेंका जा रहा है। सूअर, कुत्ते और आवारा पशु इस कचरे को इधर-उधर फैला रहे हैं।
अलवर: एक साल पहले डलवाया था लैंटर, मसाले में बजरी अधिक हाेने के कारण गिरा मकान (यह भी पढ़ें)
स्थिति यह है कि सड़क पर कचरा बीनने वाले लोग इसे नंगे हाथों से ही बीन रहे हैं। कच्ची बस्तियों और निम्न वर्गीय आबादी में रहने वाले ये लोग पूरे शहरभर में घूमते हैं। अस्पताल से संक्रमण फैलने का खतरा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अकेले आरबीएम अस्पताल परिसर में रोजाना करीब 1000-1100 रोगी और लगभग इतने ही उनके साथ परिजन यानि 2500 से 3000 लोग आते हैं।
कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग, 10 साल से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाओं, हार्ट, किडनी, डायबिटीज और अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को ज्यादा है।
जिले में अब तक जान गंवाने वालों में ज्यादातर ऐसे ही रोगी हैं। ये हाल तो तब है जब अकेले आरबीएम अस्पताल की सफाई पर हर माह 2.30 लाख रुपए खर्च होते हैं। इस बार 48 लाख में सफाई ठेका हुआ है। इनमें जनाना में 20 और आरबीएम में 28 लाख रुपए खर्च होंगे।


