जिन मासूम से मां को कातिल कहलवाया उन्हीं से खुदकुशी का ऐलान भी करवाया
मां कौन है...? इसका जवाब देचू के लोड़ता अचलावतां में आठ परिजनाें के साथ मारे गए तीन मासूमों के लिए लक्ष्मी ही था। वाे ही लक्ष्मी, जिसने अपने भाई केवलराम के बच्चों में 5 साल की दीया को मां के दूध के बिना पाला... जब-जब तबीयत बिगड़ी डॉक्टरों के पास लेकर भागी... 12 साल के दयाल को डॉक्टर व जज बनाने के लिए पढ़ाया... और 10 साल के दानिश की भी जिंदगी संवारने में जुटी थी...। उसी लक्ष्मी ने जब अपने परिवार पर हुए जुल्मों की दास्तां का वीडियो बनाया तो इन मासूमों से उनकी ही मां को कातिल कहलवाया और मौत का रास्ता चुनने का एलान भी करवा दिया।
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वह इसलिए, क्योंकि लक्ष्मी का परिवार यही मानता था कि बच्चे तो पिता की संपत्ति होते हैं, मां का उन पर कोई अधिकार नहीं। लक्ष्मी को इन बच्चों के खुद से छीन जाने का डर सताता था। भाभी के साथ भी इसी बात का विवाद चल रहा था। जब उसका डर बढ़ गया तो उसने इन बच्चों से भी उनकी जिंदगी छीन ली।


