इस बार मिट्‌टी के दीयों से रोशन करें दिवाली

इस बार मिट्‌टी के दीयों से रोशन करें दिवाली

खुश सोमवंशी. कोरोना महामारी के चलते चौपट हुए काम-धंधों के बीच दीपावली सभी व्यापारियों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आ रही है। फुटपाथ पर मिट्‌टी के दीपक बेचने वालों को भी उम्मीद है कि लोग उनसे दीपक खरीदेंगे ताकि वे भी अपना त्योहार अच्छे से मना सकें। इनको उम्मीद है कि इस दीवाली पर दीयों की रोशनी के साथ ही कोरोना का अंधियारा छंट जाएगा। इधर, शहर के अधिकतर लोगों का भी यही कहना है कि इस बार वे मिट्‌टी के दीपक ही खरीदेंगे।

इन्हें आपसे ढेरों उम्मीदें हैं - ये पूरी होंगी तभी इनके परिवार अच्छे से त्योहार मना पाएंगे

कुम्हार पाड़ी निवासी देवेंद्र प्रजापत ने बताया कि हम दीये बनाते हैं ताकि लोगों के घरों में रोशनी हो। उन पैसों से हम अपने बच्चों की ख्वाहिशें पूरी करते हैं। पहले तो चाइना की लाइटों ने सब खराब कर दिया था और अब उनका वायरस। लॉकडाउन में हालात ऐसे हो गए थे कि दिन में ठीक से खाना मिलना मुश्किल हो गया था। अब उम्मीद है कि लोग दिवाली के लिए ढेर सारे दीये खरीदें ताकि हमारा त्योहार भी अच्छा गुजरे।

राजेन्द्र प्रजापत ने बताया कि दीये तो पता नहीं कितने बिकेंगे, मगर खुशी इस बात की है कि हमने कम से कम काम शुरू तो किया। वरना फिर से मिट्टी से दीये बनाना और फिर उनको रंग करके बेचना कोई ख्वाब-सा हो गया था। लोग थोड़े-थोड़े दीये लेकर जाने लगे हैं। उम्मीद है कि इस बार खूब बिक्री होगी और हमारा त्योहार रोशनी से भरपूर होगा।