पास्ता सड़क के पुनर्निर्माण और चंबल पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

पास्ता सड़क के पुनर्निर्माण और चंबल पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
3 दिन में समस्याओं का निराकरण नही होने पर महापड़ाव की दी चेतावनी

डीग - कामां रोड से गांव पास्ता तक जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण निर्माण एवं चंबल के पानी की सप्लाई पूरे गांव में देने की मांगों को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता नेम सिंह फौजदार के नेतृत्व में विशेष अधिकारी शरद मेहरा को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि पास्ता मोड़ से लेकर गांव पास्ता तक ढाई किलो मीटर लंबी सड़क कई वर्षों से टूटी पड़ी है। जिसको लेकर गत वर्ष भी ग्रामीणों द्वारा सड़क पर पेड़ लगाकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए सांकेतिक धरना दिया गया था। तब प्रशासन के द्वारा आश्वस्त किया गया था कि शीघ्र ही इस सड़क को बनवाया जाएगा।

लेकिन दूसरा बरसात का मौसम आ गया लेकिन अभी तक उस पर एक गिट्टी नहीं डाली गई है। जबकि सड़क के पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण ग्रामीणों को आवागमन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां सड़क में गड्ढे नहीं गड्ढों में सड़क है। ज्ञापन में कहा गया है कि एक तरफ सरकार विकास योजनाओं के नाम पर भ्रामक प्रचार कर रही है, दूसरी तरफ भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार सड़क पानी बिजली चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी लोग वंचित हैं। चंबल के पानी की लाइन डालने के नाम पर पूरे जिले में गांवों में रास्तों को तोड़ कर उनकी हालत बदहाल कर दी गई है।

लेकिन पानी का कहीं नाम तक नहीं है। आक्रोशित ग्रामीणों ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र अमल में नहीं लाया गया तो पास्ता मोड पर 3 दिन बाद महापड़ाव डाला जाएगा। ज्ञापन देने में गुलाब सिंह हरगोपाल अनूप फौजदार संजू हुकम गंगल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।