अस्पताल में कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी मास्क के बिना और सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ध्यान, अब तक तीन ओमिक्रॉन मरीज मिले, एक्टिव केस 77
कोरोना वायरस के बढ़ने के बाद भी लोगों की लापरवाही सामने आ रही है। भीड़भाड़ वाले इलाके में भी लोग मास्क के बिना घूमते नजर आ रहे है। कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी की जा रही है। जिले में अभी तक तीन ओमिक्रॉन मरीज और 77 एक्टिव केस मिले है।
अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोग बिना मास्क के घूमते हुए देखे जा सकते हैं। कोरोना रोकने के लिए जारी की गई सरकारी गाइडलाइन लोगों की समझ से बाहर है। बुधवार सुबह धौलपुर जिला चिकित्सालय के टीबी क्लीनिक में लोगों की भीड़ इस कदर उमड़ी कि मास्क तो दूर सोशल डिस्टेंसिंग भी नजर नहीं आई। अस्पताल के अलावा जिलेभर में लोग बिना मास्क के घूमते हुए दिखाई दिए। जिले में ओमिक्रॉन के साथ डेल्टा वैरिएंट के पॉजिटिव मरीज सामने आने के बाद भी सरकारी गाइडलाइन की पालना नहीं कराई जा रही।
तीसरी लहर के दौरान सबसे पहले धौलपुर जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोपाल गोयल ओमिक्रॉन पॉजिटिव आए थे। इसके बाद से ही जिले में प्रतिदिन औसतन 10 मरीज पॉजिटिव सामने आ रहे हैं। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना के आंकड़ों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह ने बताया कि कोरोना रोकने के लिए लोगों को सरकारी गाइडलाइन की पालना करनी होगी।

एक कांस्टेबल पॉजिटिव, सात पुलिसकर्मियों को बुखार
जिला चिकित्सालय के ठीक सामने स्थित कोतवाली थाने में संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को एक कांस्टेबल के पॉजिटिव आने के बाद थाने के सात पुलिसकर्मी तेज बुखार से पीड़ित हैं। कोतवाली थाना प्रभारी आध्यात्म गौतम के साथ सात पुलिसकर्मियों की बीमार होने की खबर मिलते ही अस्पताल की मोबाइल टीम बुधवार को कोतवाली थाने पहुंची। टीम प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि थाने में संक्रमण का खतरा होने की वजह से कोतवाल सहित सभी पुलिसकर्मियों के कोरोना सैंपल लिए गए हैं।


