नए साल में जिला अस्पताल बनाएगा मेडिकल ऑक्सीजन मरीजों को सीधे ही मिलेगी सप्लाई
नए साल में अलवर जिले के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल मेडिकल ऑक्सीजन के लिए आत्मनिर्भर हो जाएगा। अस्पताल परिसर में 400 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) का ऑक्सीजन प्लांट तैयार है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के करीब 70 लाख रुपए के बजट से बने इस प्लांट में मशीनों के इंस्टालेशन का काम शुरू हो गया है। प्लांट से मेनीफोल्ड के जरिए जनवरी के प्रथम सप्ताह में सीधे वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू करने कि संभावना है।
केन्द्र सरकार के 600 एलपीएम के दूसरे ऑक्सीजन प्लांट के लिए शेड बनकर तैयार है। इसमें जनवरी में मशीनें लगाई जाएंगी, जिस पर करीब 1 करोड़ की लागत लगने की संभावना है। प्रदेश सरकार के प्लांट से 24 घंटे में 90 सिलेंडर (एक सिलेंडर में 7000 लीटर) और केन्द्र सरकार के प्लांट से 135 सिलेंडर ऑक्सीजन तैयार होगी।
अभी एक सप्ताह में प्रदेश सरकार के ऑटोमेटिक प्लांट से ऑक्सीजन की सीधे सप्लाई के साथ आपातकालीन परिस्थिति के लिए सिलेंडर भी जोड़े जाएंगे, जिससे प्लांट में तकनीकी खराब आने की स्थिति के लिए चैंबर सिस्टम में चेंज ओवर लगाकर ऑक्सीजन सिलेंडर से भी ऑटो कनेक्ट किया जाएगा। इससे बिना बाधा के ऑक्सीजन सप्लाई जारी रहेगी। अत्याधुनिक प्लांट में ऑक्सीजन का स्टोरेज फुल होने पर वह बंद हो जाएगा और ऑक्सीजन की मात्रा घटने पर स्टार्ट हो जाएगा।
कोरोनाकाल में जिला अस्पताल के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट की सौगात मरीजों के लिए बेहद लाभकारी होगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऑक्सीजन प्लांट के शेड निर्माण पर करीब 6 लाख और केन्द्र सरकार के बजट से बनने वाले ऑक्सीजन प्लांट शेड निर्माण पर करीब 8 लाख रुपए खर्च हुए हैं।


