ठाणे इस्कॉन मंदिर के लिए बयाना के कारीगर गढ़ रहे श्रीराम के जीवन प्रसंग

ठाणे इस्कॉन मंदिर के लिए बयाना के कारीगर गढ़ रहे श्रीराम के जीवन प्रसंग

बयाना के कारीगरों द्वारा गढ़े गए पत्थरों में भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों को जल्दी ही मुंबई में देखा जा सकेगा। क्योंकि इस्कॉन की ओर से ठाणे में बनवाए जा रहे मंदिर के लिए पत्थरों की गढ़ाई इन दिनों बयाना में ही हो रही है। मंदिर के लिए करीब 75 पीस तैयार किए जा रहे हैं।

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इनमें भगवान श्रीराम के जन्म, स्वयंवर, वन गमन, हनुमान और सुग्रीव मिलन, बालि युद्ध, अशोक वाटिका, लक्ष्मण मूर्छा, संजीवनी बूटी, राम-रावण युद्ध, अयोध्या आगमन, राज्याभिषेक सहित लव-कुश प्रसंगों को भी दर्शाया जाएगा। इन प्रसंगों से जुड़े करीब 60 पीस तो तैयार भी हो गए हैं।

जबकि बाकी पीस गढ़ने का काम अंतिम चरण में है। इसके बाद महाभारत के प्रसंगों की भी गढ़ाई होगी। इस मंदिर का निर्माण देश के एक बडे़ औद्योगिक समूह द्वारा कराया जा रहा है। बयाना में तैयार हो रहे इन पत्थरों को मंदिर की परिक्रमा मार्ग में दस फुट की ऊंचाई पर खजुराहो के मंदिरों की तरह लगाया जाएगा। रामायण प्रसंगों की गढ़ाई करवा रहे पत्थर कारोबारी नेमीचंद शर्मा ने बताया कि यह काम करीब डेढ़ साल से चल रहा है।

रामायण प्रसंग को 3 गुणा 2.5 गुणा 2.5 साइज के सेंड स्टोन पर तैयार किया जा रहा है। इसे उड़ीसा के एक्सपर्ट रोहित की देखरेख में उड़ीसा और बयाना के करीब 15 कारीगर बहुत बारीकी से गढ़ रहे हैं। तैयार पत्थरों को विशेष पैकिंग के साथ मुंबई भिजवाना भी शुरू कर दिया गया है। मंदिर का निर्माण भी अगले तीन साल में पूरा होने की संभावना है। लॉकडाउन के कारण कुछ काम प्रभावित हुआ था, लेकिन अब फिर से रुटीन पर आने लगा है। मंदिर के लिए बयाना से करीब 70 हजार घन फीट सेंड स्टाेन जाएगा।